दिल्ली क्राइम ब्रांच ने भागलपुर के सोनापट्टी स्थित साई ज्वेलर्स में की छापेमारी

दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने राजौरी गार्डन थाना के एक मामले में शुक्रवार देर शाम कोतवाली पुलिस के सहयोग से सोनापट्टी में शंकर साह का पुत्र सोनू साह की साई ज्वेलर्स नामक दुकान तथा मुंदीचक स्थित घर पर छापेमारी की। हालांकि पांच घंटे तक चली इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच की टीम को कोई सफलता नहीं मिली।

 

दिल्ली क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि रवि साह से भागलपुर सोनापट्टी के व्यवसायी सोनू साह ने लाखों के आभूषण की खरीदारी की है। इस पर क्राइम ब्रांच की टीम ने सोनापट्टी की नाकेबंदी कर सोनू साह की दुकान और घर पर छापेमारी की। दुकान और घर का कोना-कोना छान मारा। लेकिन टीम के हाथ कुछ नहीं लगा।

 

बीते माह क्राइम ब्रांच ने पिंटू वर्मा को किया था गिरफ्तार

 

इसी मामले में 25 दिसंबर 2017 को छापेमारी कर क्राइम ब्राच की टीम ने अमित कुमार वर्मा उर्फ पिंटू वर्मा को गिरफ्तार किया था। उसके पास से पुलिस ने 375 ग्राम चोरी का सोना बरामद किया था। पिंटू वर्मा मुंदीचक के जानकी प्रसाद लेन का रहने वाला है। वहीं इसी मामले में पुलिस ने उमेश वर्मा की दुकान में भी छापेमारी की थी। लेकिन पुलिस के आने से पहले ही वह माल लेकर भाग गया था। पुलिस का कहना था कि छापेमारी की सूचना पूर्व में ही लीक हो गई थी। जिसके कारण वह भाग निकला था।

 

कहलगांव और कोलकाता के अपराधियों की निशानदेही पर हुई छापेमारी

 

इससे पूर्व दिल्ली क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने सोनापट्टी में छापेमारी की थी। सोनापट्टी में कहलगांव से 20 दिसंबर 2017 को गिरफ्तार 50 हजार के इनामी रवि साह और कोलकाता के इजतुल्ला लेन निवासी गुलशन यादव की निशानदेही पर छापेमारी की थी।

 

दोनों अपराधियों ने ठगी का सोना भागलपुर समेत अन्य स्थानों पर खपाया था। दोनों शातिर ठग हैं और नौकर-नौकरानी बनकर लोगों के जेवर और नकद चोरी के साथ लूटपाट करते थे। इन लोगों के खिलाफ नई दिल्ली समेत कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। रवि साह पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है।

 

लाखों का माल लेकर भागा था उमेश वर्मा

 

पुलिस के मुताबिक सूचना लीक हो जाने के कारण इस मामले में चार आरोपित सोनापट्टी से भाग निकले थे। इसमें मुख्य आरोपित उमेश वर्मा था। पुलिस को आशंका है कि वह लाखों के चोरी का माल लेकर भाग गया है। इसके अलावा कुछ अन्य युवक भी हैं जो पुलिस के डर से फरार हो गए। हालांकि इन आरोपितों को चिह्नित कर उसकी गतिविधियों की जानकारी पुलिस ने प्राप्त कर ली है।

 

इस मामले में राजेश नाम के व्यवसायी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था। लेकिन सत्यापन के बाद उसे छोड़ दिया था। उधर, क्राइम ब्रांच ने छापेमारी के दौरान भाग निकले मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस अभी भी पता लगा रही है। कोतवाली पुलिस के मुताबिक आभूषण चोरी के मामले में गिरफ्तार अमित कुमार वर्मा उर्फ पिंटू वर्मा समेत अन्य आरोपितों को क्राइम ब्रांच टीम के कुछ अधिकारी पहले ही दिल्ली लेकर चले गए थे।

 

अमित वर्मा को 22 लाख और उमेश वर्मा को बेचा था 27 लाख का सोना

 

पुलिस गिरफ्त में रवि साह और गुलशन यादव ने पुलिस को जानकारी दी थी कि उसने पिंटू वर्मा उर्फ अमित वर्मा को 22 लाख रुपये का सोना जबकि उमेश वर्मा को 27 लाख रुपये को सोना बेचा था। हालांकि पिंटू वर्मा को गिरफ्तार करने के बाद उसने अपना अपराध नहीं कबूला था। पिंटू सोना और हीरे के जेवरात जांचने का काम करता था। जबकि उमेश वर्मा सोना और हीरे के मंहगे जेवरात खरीदता है। पुलिस ने उमेश को पूरी घटना का मास्टरमाइंड बताया। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि काफी पहले से ही इन लोगों की गतिविधियां संदिग्ध थीं।

 

करोड़ों के जेवरात समेत पकड़ी गई थीं पांच महिलाएं

 

25 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने भागलपुर जिले की पांच महिलाओं को करीब एक करोड़ के सोने और हीरे के जेवरात के साथ दिल्ली के गाजीपुर बस डिपो के पास से गिरफ्तार किया था। जो दिल्ली के पॉश इलाके में नौकरानी का काम करती थीं। ये लोग समय रहते ही घर में रखे सोने और हीरे के जेवरों पर हाथ साफ कर देती थी। महिला के इस गिरोह में कई पुरुष भी शामिल थे।

 

जो चोरी का सोना खपाने का काम करते थे। महिला एवं पुरुषों का यह गिरोह ग्रेटर कैलाश, न्यू फ्रेंडस कॉलोनी, मियांवली, हौजखास, राजौरी गार्डन और नोएडा के पॉश इलाकों में वारदात को अंजाम देता था।

 

इस तरह के लगातार करीब नौ मामले विभिन्न थानों में कुछ माह के दौरान दर्ज हो गए। इस कारण पांच मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। इसके बाद एसीपी ईश्वर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर अरविंद और एसआइ नागेन्द्र सिंह ने मामले की जांच शुरू की। गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने भागलपुर में कई इलाकों में छापेमारी कर अपराधियों को गिरफ्तार किया था।

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