सृजन के बाद भागलपुर में बिजली घोटाला

बिजली कंपनी बीईडीसीपीएल ने बिजली चोरी का अलग खेल शुरू कर दिया है। कंपनी बिजली बंद कर बिजली ऑन दिखा रही है। साउथ बिहार की भागलपुर इकाई ने इसकी एक गोपनीय रिपोर्ट भी बिहार सरकार को भेजी है। हर रोज बिजली बंद कर बिजली कंपनी करीब पांच से दस लाख रुपए का घोटाला कर रही है। बिजली कंपनी बिहार सरकार से 2 रुपए 65 पैसे के हिसाब से बिजली खरीदती है। बिजली विभाग के एक अधिकारी ने हिसाब लगाकर बताया कि हर सब स्टेशन की क्षमता अलग अलग है। मोजाहिदपुर सब स्टेशन और बरारी सब स्टेशन की क्षमता 4 मेगावाट है इस हिसाब से अगर एक घंटे भी बिजली बंद कर दी गई तो कंपनी को 26 लाख की गड़बड़ी कर देगी। कंपनी रजिस्टर में पूरी रात बिजली ऑन रखती है लेकिन शहर से बिजली गुल रहती है। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के डीजीएम एसपी सिंह ने बताया कि कंपनी बिजली के इस खेल की शिकायत मिली थी जिसकी रिपोर्ट ऊर्जा विभाग को भेज दी गई है। बहुत दिनों से चल रहा है खेल बिजली कंपनी का यह खेल पिछले एक-सवा साले से चल रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी जब भी महीने की चेकिंग में जाते वहां रजिस्टर में पूरी बिजली दिखाई जाती थी। लेकिन लोगों की शिकायत अलीगंज, तिलकामांझी, मोजाहिदपुर, नाथनगर जैसे इलाकों से बराबर आ रही थी। बिजली विभाग ने अपने सूत्रों से पता किया तो बिजली कंपनी के इस खेल का पता चला। इसके बाद गोपनीय रिपोर्ट ऊर्जा विभाग को भेजी गई। हर रात काम का बहाना कर काट रहे बिजली बिजली कंपनी हर रात काम का बहाना कर बिजली काट रही है। लोगों का सवाल है कि रोज रात में आखिर कौन सा काम होता है। अगर रोज काम होता है तो इतने दिन से मेंटेनेंस क्यों किया जा रहा था। उस मेंटेनेंस का आखिर क्या मतलब है। मानवाधिकार कार्यकर्ता अजीत कुमार सिंह ने कहा कि बिजली कंपनी सिर्फ घोटाला करने के लिए ही भागलपुर आई है। बिल से लेकर बिजली तक यह सिर्फ गड़बड़ी ही कर रही है। कैसे जोड़ी जाती है बिजली की खपत की राशि बिजली की खपत जोड़ने के लिए अभियंता जितने घंटे बिजली कटी रही उससे 10 का पावर छह से 2 रुपए 65 से गुणा करते हैं। जितनी राशि आती है उतने पैसे की बिजली की खपत कम हुई। हर पीएसएस का अलग अलग एम्पियर होता है। उसी एम्पियर के हिसाब से यह गणना की जाती है। शहर के बड़े पीएसएस की यह है क्षमता मोजाहिदपुर सब स्टेशन- चार मेगावाट सीएस सब स्टेशन-13 मेगावाट बरारी सबटेशन- 4 मेगावाट अलीगंज सब स्टेशन- 32 मेगावाट नाथनगर सब स्टेशन- 14 मेगावाट कंपनी की दलील: लोड बढ़ने से कटती है बिजली बिजली कंपनी के सीईओ संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि बिजली लोड बढ़ने के कारण बंद होती है। रात में लोड अचानक बढ़ जाता है और तार और ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। जहां तक रजिस्टर में गलत रिपोर्ट की बात है यह गलत है। ऐसा हो नहीं सकता है क्योंकि हर महीने साउथ बिहार को इसकी रिपोर्ट जाती है।

One thought on “सृजन के बाद भागलपुर में बिजली घोटाला”

  1. बिजली काटने कि बात गलत है ऐसे सब खबर से कम्पनी के इमेज पर असर पड़ता है इससे पब्लिक उग्र रूप धारण करती है सरकारी से निजी करण होने से बिजली वयस्था में काफ़ी सुधार हुआ है बिजली 22 घंटे ग्रमीण 23 घंटे सहर में बिजली की आपूर्ति हो रही है जो आजादी के बाद इतनी बिजली सहर को नही मिली थी

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