भागलपुर को AIIMS की सौगात देंगे मंत्री अश्विनी चौबे

 

वर्ष 2015-16 के बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बिहार में पटना के बाद एक और एम्स (ऑल इंडिया इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) देने की घोषणा की थी।

इस घोषणा को नए स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे भागलपुर ला सकते हैं। चौबे ने कहा कि यह उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। इससे संबंधित संचिकाओं को वे खंगालेंगे। उनकी कोशिश होगी कि यह योजना भागलपुर को ही मिले। इसके पूर्व, बजट में की गई घोषणा के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुनील शर्मा ने बिहार सरकार से अलग-अलग पत्राचार किया है। पत्राचार पर बिहार से स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन ने भी जवाब दिया है। पिछले दो वर्षों से एम्स की स्थापना में सिर्फ कागजी कार्रवाई हुई है। सभी स्तर पर इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर सिर्फ टालमटोल होता रहा है। अब भागलपुर के रहने वाले अश्विनी कुमार चौबे केंद्र में स्वास्थ्य राज्य मंत्री बने हैं। स्थानीय लोगों को यह उम्मीद है कि जेटली की घोषणा को भागलपुर में चौबे ही उतार सकते हैं। एम्स के लिए केंद्र सरकार ने जिन शर्तों का निर्धारण किया है वर्तमान स्थिति में भागलपुर उन सभी अहर्ता को पूरा करता है। सिर्फ राजनीतिक इच्छा शक्ति प्रबल होने से यह भागलपुर को मिल सकता है। भाजपा के जिला अध्यक्ष रोहित पांडेय, पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश चंद्र मिश्र, हरिवंशमणि सिंह, विजय सिंह प्रमुख, जिला परिषद के अध्यक्ष अनंत कुमार, पूर्व विधायक अमन कुमार, कुमार शैलेंद्र और पूर्व जिप उपाध्यक्ष शिव कुबेर सिंह मंटू कहते हैं कि चौबे के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से संबंध छात्र जीवन से ही रहे हैं। जेटली से भी पुराने संबंध हैं। इन संबंधों के आधार पर चौबे आसानी से इस प्रोजेक्ट को भागलपुर में ला सकते हैं। यहां के आम नागरिक भी पिछले दो माह से समय-समय पर सरकार पर दवाब बनाए रखने के लिए हस्ताक्षर अभियान और रैली कर रहे हैं। गत दिनों आरटीआइ कार्यकर्ता अजीत कुमार सिंह ने सूचना के अधिकार के तहत एम्स की स्थापना में प्रगति की जानकारी ली थी। इसमें उन्हें विभिन्न स्तरों पर पत्राचार की जानकारी दी गई है। केंद्र सरकार ने अपने एक पत्र में कहा है कि एम्स के लिए 200 एकड़ जमीन चाहिए। एम्स की स्थापना में दी गई शर्तों में फोरलेन सड़क, मेडिकल कॉलेज, बिजली व पेयजल की उपलब्धता की चर्चा है। सरकार एम्स के लिए जमीन नहीं खरीदेगी। भागलपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास काफी जमीन अलग-अलग टुकड़ों में है। मुंगेर से मिर्जाचौकी तक फोरलेन घोषित हो चुका है। फोरलेन की जमीन की अर्जन की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके अलावा ऐसी कोई शर्तें नहीं हैं जिसे पूरा नहीं किया जा सकता है।

One thought on “भागलपुर को AIIMS की सौगात देंगे मंत्री अश्विनी चौबे”

  1. श्रद्धेय मंत्री जी के नाम खुला पत्र,,,,
    भागलपुर में कमसेकम तीन केंद्रीय विद्यालय खुलना चाहिए और कलाकेन्द्र का जीर्णोद्धार होना चाहिये ,एक स्कूली शिक्षा में अब्बल दूसरा भागलपुर के सांस्कृतिक विरासत ,,,जय जगत LOVE AND PEACE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: